नरसिंहपुर ।
किसानों की मूलभूत समस्याओं को लेकर शुक्रवार को किसान मजदूर महासंघ ने प्रदर्शन कर सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। जिले में किसानों की लंबित समस्याओं को लेकर किसान मजदूर महासंघ ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। महासंघ ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो किसान बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन और ट्रैक्टर मार्च करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इन मांगों को लेकर घर से भगवान के समक्ष धरना प्रदर्शन किया गया।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि हाल ही में हुई भारी बारिश से खराब हुई फसलों का सर्वे कराकर आरबीसी 6/4 के तहत मुआवजा देने और मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग की गई है। इसके अलावा जंगली जानवरों और आवारा मवेशियों से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई की भी मांग की गई है। समर्थन मूल्य पर खरीदी गई मूंग और उड़द का बकाया भुगतान जल्द से जल्द करने की मांग की गई है। जिले में खाद की कमी और कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की गई है।किसानों को समितियों से कंप्यूटराइज्ड बिल देने और भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई , फसल बीमा और खरीदी, प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत योजना 2023-24 की राशि जल्द किसानों के खातों में जमा करने और सोयाबीन, मक्का और अरहर की सरकारी खरीदी शुरू करने की घोषणा करने की मांग की गई है। गन्ना किसानों की समस्याएं: गन्ना किसानों ने गन्ने को लेकर कहा कि उचित मूल्य, समय पर भुगतान, और तौल में गड़बड़ी करने वाले मिल मालिकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग रखी है। इसके अलावा ज्ञापन में नरसिंहपुर या गोटेगांव में सरकारी शुगर मिल खोलने, खेत सड़क योजना फिर से शुरू करने, कृषि उपकरणों को जीएसटी से बाहर रखने और किसानों को 12 घंटे बिजली देने की मांग भी शामिल है।महासंघ ने ज्ञापन में यह भी कहा कि सरकार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू कर किसानों को उनकी फसल का डेढ़ गुना दाम दे। इसके साथ ही सोयाबीन, मक्का और गेहूं का समर्थन मूल बढ़ाने की मांग की गई।